श्रीकृष्णनाम और पारस पत्थर
*श्रीकृष्णनाम और पारस पत्थर..!!* पारस लोहे को सोना बनाता है; किन्तु कृष्ण नाम से मनुष्य देह ही कंचन बन जाती है । जानें, सनातन गोस्वामी और पारस पत्थर एक भक्ति कथा । एक बार ‘कृष्ण’ नाम ही हर लेता है जितने पाप। नहीं जीव की शक्ति, कर सके वह जीवन में उतने पाप।। भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं—‘जो भजता है मुझको और मांगता है सांसारिक-सुख; वह व्यक्ति अमृत छोड़कर विष मांगता है; वह बड़ा मूर्ख है। पर मैं तो समझदार हूँ; मैं उस मूर्ख को विष (सांसारिक-सुख) क्यों दूंगा? मैं उसे अपने चरणों की भक्ति देकर सांसारिक-सुखों को विस्मृत करा (भुला) देता हूँ।’ इसी तथ्य को दर्शाती एक सुन्दर कथा है— गौड़ देश में एक ब्राह्मण निर्धनता के कारण बहुत दु:खी था। जहां कहीं भी वह सहायता मांगने जाता, सब जगह उसे तिरस्कार मिलता। वह ब्राह्मण शास्त्रों को जानने वाला व स्वाभिमानी था। उसने संकल्प किया कि जिस थोड़े से धन व स्वर्ण के कारण धनी लोग उसका तिरस्कार करते हैं, वह उस स्वर्ण को मूल्यहीन कर देगा। वह अपने तप से पारस प्राप्त करेगा और सोने की ढेरियां लगा देगा। लेकिन उसने सोचा कि ‘पारस मिलेगा कहां? ढूँढ़ने से तो वह मि...