31.01 भजन || अरे काऊ दिन पड़ गयो मेरे हाथ लला तोहे लली बनाऊंगी...😑
31.01 भजन || अरे काऊ दिन पड़ गयो मेरे हाथ लला तोहे लली बनाऊंगी...😑
भजन ||
अरे काऊ दिन पड़ गयो मेरे हाथ लला तोहे लली बनाऊंगी...😑
लली बनाऊंगी लला तोहेऽ लली बनाऊंगी,
अरे काऊ दिन पड़ गयो मेरे हाथ लला तोहे लली बनाऊंगी... 😏
दही चुराएऽ मटकी फोड़ेऽ बहुत सताए है
दही चुराएऽ मटकी फोड़ेऽ बहुत सताए है
अच्छे भले कपड़ो की तूऽ गत बनाए है
अच्छे भले कपड़ो की तूऽ गत बनाए है
जा दिन मेरे हाथ लगो तो बहुत पछताएगोऽ
जा दिन मेरे हाथ लगो तो बहुत पछताएगोऽ
इक ना सुनूंगी लला तेरी मैं तोहे लली बनाऊंगी।
अरे काऊ दिन पड़ गयो मेरे हाथ...
बंसी छीनू पितांबर छीनू मुकुट छिनाऊंगी,
बंसी छीनू पितांबर छीनू मुकुट छिनाऊंगी,
जो तेरे सखा बचावन आवें संग नचावंगी,
जो तेरे सखा बचावन आवें संग नचावंगी,
फैट से बनाए लियो कोड़ों मार लगाऊंगी...👊
अरे काऊ दिन पड़ गयो मेरे हाथ...
कटि लहंगा गल माल ओ चुनरी पहराऊंगी,
कटि लहंगा गल माल ओ चुनरी पहराऊंगी,
बिंदी भाल नयन में कजरा नथ पहराऊंगी,
बिंदी भाल नयन में कजरा नथ पहराऊंगी,
जो मैया तेरी मोसे लड़ी तो खरी सुनाऊंगी...😠
अरे काऊ दिन पड़ गयो मेरे हाथ...
नारायण छवि मन मोहिनी पर मर मर जाऊंगी
निरख निरख बलिहारी जाऊं
निरख निरख बलिहारी जाऊं
तोरी नजर उतारूंगी।
अरे काऊ दिन पड़ गयो मेरे हाथ...
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